Wednesday, April 22, 2020

बाल कहानी - अनोखा तोहफा



उपासना बेहार
Image Courtesy -Google.com
एक प्यारी सी लड़की थी मीनी। वह कक्षा 5 में पढ़ती थी। एक बार उसके स्कूल की मैड़म ने सभी बच्चों से कहा बच्चों हमें अपने स्कूल को बहुत सुंदर बनाना चाहिए। स्कूल को सजाने के लिए सभी बच्चे घर से कोई न कोई समान लेकर आयेगें।इस खबर को सुन कर सारे बच्चे बहुत उत्साहित हो गये।

एक बच्चे ने कहा मैं गुडि़या लेकर आऊगीं।दूसरे बच्चे ने कहा मैं तो सुंदर पत्थर लेकर आऊगां।, तब मैड़म ने कहा बिलकुल, लेकिन अभी कोई यह मत बताओ कि वह क्या लाने वाला है, इससे सरप्राइज खत्म हो जायेगा,10 दिन बाद हम सभी अपना अपना समान लेकर आयेगें, मैं भी उसी दिन बताऊॅगी कि मैं क्या लाने वाली हूँ।

कक्षा में अब रोज चर्चा होती कि कौन क्या सामान लायेगा।’.मीनी सभी की बात चुपचाप सुन लेती थी। उसकी समझ में नही आ रहा था कि वह स्कूल में क्या सामान लेकर जायेगी।उसे पता था कि उसके पिता जी के पास बहुत पैसे नही है। इस कारण वह अपने दोस्तों की तरह मंहगा सामान नही ला सकती।

मीनी बहुत उदास रहने लगी। दिन रात वह इसी सोच में डूबी रहती। मां ने देखा कि मीनी कुछ दिनों से चुपचुप सी रहती है। स्कूल से आ कर चहकने वाली मीनी गुमसुम सी खोई खोई रहती है। मीनी सोचती मैं मां को कैसे कहूँ कि मुझे स्कूल को सजाने के लिए कुछ सामान ले जाना है। वो कहाँ से पैसा लायेगीं।

मां ने उसे उदास देखकर पूछा मीनी क्या बात है तुम कुछ दिनों से चुपचुप रहती हो, खेलने भी नही जाती हो, क्या हुआ कही स्कूल की टीचर ने डाटा तो नही है।’ ‘नही मां ऐसा कुछ भी नही है।
तो किसी दोस्त से झगड़ा हो गया क्या?
नहीं मां,हम सब दोस्त मिलकर रहते हैं।
ये तो बहुत अच्छी बात है। मिलजुल कर रहने से ही ताकत बढ़ती है।
हाँ, मांयह कह कर वह तुरंत बाहर निकल गई। मीनी नही चाहती थी कि उसकी मां को उसके उदासी का कारण पता चले और वह भी उदास हो जाये।
                     
रात में मां ने मीनी के पापा से कहा आज कल मीनी कुछ उखड़ी-उखड़ी रहती है। मुझे उसकी चिंता हो रही है।’ ‘अरे तुम बेकार में ही परेशान हो रही हो, वह अपनी पढ़ाई को लेकर चिंतित होगी।लेकिन मां जानती थी कि मीनी को पढ़ाई कभी बोझ नही लगी। उसे तो पढ़ने में मजा आता था। बात कुछ ओर है, जल्दी ही पता करना पड़ेगा नही तो उनकी चुलबुली बिटिया यूं ही उदास रहेगी।’ 

रात को मीनी की मम्मी ने उसे अपने पास सुलाया और एक अच्छी कहानी सुनायी। यह कहानी एक लड़की और उसकी मां के बीच दोस्ती की थी। उस लड़की की सबसे अच्छी दोस्त उसकी मां थी। अपनी सारे बातें,परेशानीया वह मां को बताती थी। कहानी खत्म होने पर मीनी की मां ने कहा मैं भी तुम्हारी अच्छी दोस्त हूँ ना’ ‘हां मां तुम तो मेरी सबसे प्यारी दोस्त हो’ ‘तो अपने सबसे अच्छे दोस्त से अपनी परेशानी नही बताओगी?’ मां ने बहुत प्यार से उसके बाल को सहलाते हुए कहा। प्यार भरा स्पर्श पा कर मीना के आंख में आंसू आ गये, ‘मां हमारी मैडम ने स्कूल को सुंदर बनाने के लिए सभी से कुछ न कुछ चीज लाने को कहा है, मेरे दोस्त बहुत मंहगा महंगा सामान लाने वाले हैं पर मुझे पता है कि मैं तो मंहगा सामान नही खरीद सकती। लेकिन मुझे समझ नही आ रहा है कि मैं ऐसा क्या लेकर जाऊॅ जिससे कोई मेरा मजाक ना बना सके।
तुम बिलकुल चिंता मत करो हम सब मिल कर सोचते हैं और देखना तुम्हारा गिफ्ट सबसे हट कर होगा और सब हमेशा याद रखेगें।मां से आश्वासन पा कर मीनी के मन से बोझ हट गया और वह आराम से सो गई।

लेकिन अब चिंता करने की बारी मां की थी। मां की आंखों से नींद कोसो दूर हो गई। वह रात भर सोचती रहीं। सुबह मीनी उठते ही दौड़ कर किचन गई और मां के गले में हाथ डालते हुए लडि़या कर पूछा मां आपने कुछ सोचा’ ‘ मैं तुम्हे शाम तक बताऊॅगी।

मीनी की मम्मी दिनभर सोचती रही, बहुत सोचने के बाद आखिर उन्हें स्कूल में देने के लिए एक चीज समझ आयी और वो बाजार जा कर उसे खरीद लायीं। रात में मीनी ने फिर से कहा मां सामान ले आयी क्या? कल मुझे स्कूल में देना है।’ ‘हाँ मैं समान ले आयी हूँ,अभी तुम सो जाओ। कल तुम्हें दूंगी।

दूसरे दिन मीनी सुबह जल्दी जल्दी तैयार हुई। मां ने उसे स्कूल में देने के लिए समान पैक करके दिया और उसके बारे में अच्छे से समझाया, उसे सुन कर मीनी बहुत खुश हुई। 

सभी बच्चे अपना अपना सामान मैडम को देने लगे. मैडम मैं कार लायी हुई’,‘मैं प्लास्टिक का घर लाया, मैं पेंटिंग लायीसभी बच्चे उत्साह के साथ अपना सामान जमा कर रहे थे।
मीनी तुम क्या लाई हो’, ‘मैड़म मैं ऐसा सामान लाई हू जो कभी टूट नही सकता, वो हमेशा स्कूल में रहेगा, कभी खराब भी नही होगा, उसे कोई चोरी भी नही कर सकता और जो सबके काम आयेगा।यह सुन सभी बच्चे मीनी का सामान देखने को बेताब हो गये।
मीनी जल्दी दिखाओं, वो अनोखा सामानसभी बच्चे जोर जोर से चिल्लाने लगे।
तब उसने अपने सामान से पन्नी हटाई ये क्या है’.
मैडम मैं पेड़ लायी हूँ। इसे हम अपने स्कूल के गार्डन में लगायेगें और जब ये बड़ा हो जायेगा तो इसमें खुब सारे फल लगेगें, उसे हम सब मिल कर खायेगें, ये हमें छाया देगा। इसकी डाली पर बहुत सारे पक्षी, छोटे जन्तु अपना घर बनायेगें। इससे हमें ठंडी ठंडी हवा मिलेगी, यह वातावरण को स्वच्छ रखेगा। जब मैं बड़ी हो जाऊॅगी और स्कूल से पढ़ कर चली जाऊॅगी तब भी ये पेड़ सभी को साफ हवा और फल देता रहेगा।

मैडम ने कहा सभी बच्चे बहुत अच्छा सामान लाये है लेकिन मीनी तुमने तो स्कूल को बहुत अनमोल तोहफा दिया है। तुम पढ़ कर इस स्कूल से निकल भी जाओगी तब भी यह आम का पेड़ हमें हमेशा तुम्हारी याद दिलाता रहेगा। चलो बच्चों सबसे पहले हम मीनी का पेड़ लगाते हैं, उसके बाद सभी समान को मिल कर सजायेगें।
सभी बच्चे हल्ला करते हुए स्कूल के गार्डन की ओर चल पड़े।


4 comments:

  1. Bahut Sundar kahani ...Upasana ..keep telling us such lovely stories

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    1. हौसला बढ़ाने का शुक्रिया

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  2. बहुत सुंदर कहानी

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