उपासना बेहार
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मैक्स के कई रिश्तेदार विदेशों में रहते थे. जब भी वो मैक्स के घर आते थे तो उसे वहाँ से लाये खिलौने गिफ्ट में देते. मैक्स के घर के पास ही एक खेल का मैदान था, वहां अन्य बच्चे भी खेलेने आते थे. मैक्स रोज अलग अलग खिलौने लेकर वहाँ जाता और अकेले खेलता. शुरू शुरू में बच्चों ने मैक्स से खेलने के लिए खिलौने मांगे लेकिन उसने सभी बच्चों को डांटा और खिलौने छूने से मना कर दिया. उसने जोर से कहा “कोई भी मेरे खिलौनों को हाथ नहीं लगाएगा, ये सब महंगे हैं और विदेशी है, तुम लोग क्या जानो इनके साथ कैसे खेलते हैं, खराब कर दोगे.” धीरे धीरे बच्चों ने उसके साथ खेलना बंद कर दिया लेकिन मैक्स को इससे कोई फर्क भी नहीं पड़ा. उसे तो खिलौनों को दिखा कर दूसरे बच्चों को जलाने में मजा आता.
एक दिन अमरीका से मैक्स
के चाचा-चाची आये. वो अपने साथ एक छोटा रोबोट लाये थे. रोबोट के अंदर जिस व्यक्ति
की भी आवाज डाल दी जाए वो उसी का कहा मानता था. रोबोट में मैक्स की आवाज डाल दी
गयी. आदत के अनुसार मैक्स रोबोट को लेकर खेल
के मैदान पहुँच गया और रोबोट से जो करतब दिखाने को कहता वो वही करतब करता. सभी
बच्चे आश्चर्य चकित हो कर दूर से उसे देख रहे थे. करतब दिखाते दिखाते अचानक रोबोट पास
के एक संकरे गड्ढे में गिर गया और अन्दर फंस गया. मैक्स ने रोबोट
को बाहर निकालने की कई बार कोशिश की लेकिन रोबोट को बाहर नहीं निकाल पाया. मैक्स
जोर जोर से रोने लगा, वो जानता था कि अगर रोबोट के बिना घर गया तो उसके पापा
डाटेंगें. पापा ने मैक्स को मना किया था कि घर पर ही इसके साथ खेलो लेकिन वो तो
बच्चों को जलाना चाहता था.
बच्चे अपने घर जाने लगें. तभी उन्होंने देखा कि मैक्स जोर जोर से रो रहा
है. वसीम ने पूछा “मैक्स तुम रो क्यों रहे हो?” “मेरा रोबोट इस गड्ढे में गिर गया है. मैंने कई बार कोशिश की पर उसे बाहर
निकाल नहीं सका. समझ नहीं आ रहा कि उसे कैसे बाहर निकाला जाए.”
वसीम ने दिमाग लगाया और कहा “मैं तुम्हारा रोबोट गड्ढे से निकाल सकता हूँ.”
“कैसे?”
“हम तुम्हारे रोबोट
को चुम्बक से निकालेगें. अनुराग तुम्हारे घर बड़ा वाला चुम्बक रखा है उसे और रस्सी लेकर
आओ.”वासिम ने कहा.
मैदान के सामने ही अनुराग का घर था वो तुरंत अपने घर गया और चुम्बक के साथ मजबूत
रस्सी ले आया. वसीम ने चुम्बक को रस्सी से बाँधा और उसे गड्ढे के अंदर डाला. रोबोट
तुरंत चुम्बक से चिपक गया. वसीम ने रस्सी को सावधानी से ऊपर की तरफ खींचा और
चुम्बक से चिपका रोबोट भी बाहर आ गया. मैक्स बहुत खुश हो गया. उसने वसीम को गले
लगा लिया और अपने घर चला गया.
दूसरे दिन वो अपने सारे खिलौने ले कर खेल के मैदान में आया और सभी बच्चों
को कहा कि “आज से हम सब मिल कर खिलौने खेलेगें क्योंकि मिलकर खेलने में ज्यादा मजा आता
है.” फिर सभी बच्चे खिलौने से खेलने लगे.
ई मेल – upasanabehar@gmail.com

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