Sunday, April 26, 2020

बाल कहानी - दुनिया खोजने निकले


उपासना बेहार
Image Courtesy -Google.com


कुकू अपने दोस्तों के साथ घर के बाहर खेल रही थी, तभी उसने एक बहुत खुबसूरत चिड़िया देखी. उसके बैगनी पंख थे और उसका शरीर मखमल की तरह सॉफ्ट चमकदार था, उसकी चोंच भी नुकीली हरे रंग की थी. वो चिड़िया कुकू के घर के अंदर चली गयी और थोड़ी देर में बाहर आ गयी. कुकू ने सोचा मखमली चिड़िया रास्ता भटक कर गलती से घर के अंदर चली गयी होगी.’ और वो बच्चों के साथ खेलने में मगन हो गयी. 

दूसरे दिन जब वो स्कूल से आई तो उसी मखमली चिड़िया को अपने घर के आस पास मंडराते हुए देखा. शाम में जब कुकू गार्डन में खेल रही थी तब उसने फिर से उसी चिड़िया को घर के अंदर जाते और थोड़ी देर में बाहर आते देखा. उसने सोचा आखिर ये मेरे घर के अंदर-बाहर बार बार क्यों आ-जा रही है, ये बात पता करनी होगी’. थोड़ी देर में जैसे ही मखमली चिड़िया घर के अंदर गयी, कुकू तुरंत उसके पीछे भागी. उसने देखा चिड़िया कमरे में एक पुरानी अलमारी के ऊपर कोने में घुस गयी और कुछ देर में वहां से निकल कर बाहर चली गयी. कुकू ने कोने में जा कर देखा, वहाँ एक आधा अधूरा घोसला बना था. उसे समझते देर नहीं लगी कि ये घोसला मखमली चिड़िया अंडे देने के लिए बना रही है. वो तुरंत माँ के पास गयी और उनसे पूछा माँ घोसला बनाने के लिए क्या क्या चाहिए होता है?” माँ ने कहा पुआल,पतली सींक, झाड़ी के छोटे टुकड़े लगते हैं.” कुकू इन चीजों के खोज में निकल पड़ी

पार्क में खेल रहे अपने दोस्तों को मखमली चिड़िया के बारे में बताया, सभी बच्चों ने मिल कर इन सारी चीजों को इकठ्ठा किया और कुकू ने उन्हें घोंसले के पास रख दिया

दूसरे दिन देखा तो उन चीजों में से कुछ चीजें मखमली चिड़िया ने घोंसला बनाने के लिए ले लिए थे. कुछ दिनों बाद घोसला पूरा बन गया और उसमें चिड़िया ने तीन सफ़ेद छोटे छोटे अंडे दिए. कुकू रोज स्कूल से आती और सबसे पहले घोसले में अण्डों को देखने जाती. कई दिन होने पर भी जब अण्डों से बच्चे नहीं निकले तो वो परेशान हो कर माँ से बोली मम्मी अण्डों से बच्चे कब निकलेगें?” “जल्दी ही निकल जायेगें. तुम्हें कुछ दिन और इंतजार करना होगा”. कुकू से इंतजार नहीं हो पा रहा था पर कुछ किया भी नही जा सकता था.

एक दिन जब कुकू स्कूल से घर आई तो उसे अलमारी के ऊपर से चीची-चीची की आवाज सुनाई दी. वो दौड़ी दौड़ी माँ के पास गयी मम्मी आपको पता है अण्डों से 3 छोटे छोटे बच्चे निकल आये हैं और वो घोसलों से अपनी गर्दन निकाल कर नीचे मुझे देख रहे हैं.” “कुकू उनके पास मत जाना वो डर जायेगें. अभी बहुत छोटे हैं.” “माँ मैं उन्हें दूर से देखूंगी.” कुकू ने अपने सभी दोस्तों को मखमली चिड़िया के बच्चे दिखाए

अब कुकू रोज स्कूल से आती तो सबसे पहले उन बच्चों को देखती. बच्चे धीरे धीरे बड़े हो रहे थे. एक दिन जब कुकू स्कूल से आ कर बच्चों के पास गयी तो घोंसले से कोई आवाज नहीं आई, तब उसने टेबल पर चढ़ कर घोसले को देखा लेकिन वहाँ तो बच्चे थे ही नही. उसने जोर जोर से माँ को आवाज दे कर बुलाया और घबराकर कहा मम्मी देखो घोसले में बच्चे नही हैं. कही अलमारी के पीछे गिर तो नहीं गए?”, माँ ने कहा नहीं कुकू वो नीचे नही गिरे हैं बल्कि सभी बच्चे बड़े हो गए है, अब उन्हें खुद अपनी देखभाल करनी है इसलिए वो इस बंद घर से निकल कर खुली जगह पर अपनी जिंदगी जीने चले गए हैं.” 

कुकू बच्चों के चले जाने पर दुखी हो गयी लेकिन माँ के समझाने पर उसके बात समझ में आई और वो दोस्तों को ये बात बताने पार्क भागी.



  

6 comments:

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    1. शुक्रिया,क्या मै आपका नाम जान सकती हूँ

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  2. धन्यवाद, क्या मै आपका नाम जान सकती हु

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  3. बहुत प्यारी कहानी।

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